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सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं बन पा रहा। कà¥à¤¯à¤¾ यह चिंता का विषय है?
बहà¥à¤¤ सी नई माà¤à¤à¤‚ इस बात को लेकर चिंतित रहती हैं कि उनका शरीर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध नहीं बना पा रहा। अधिकांश माà¤à¤“ं के मामलों में यह बात सच नहीं होती। लगà¤à¤— सà¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ अपने शिशॠके लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध बनाने में सकà¥à¤·à¤® होती हैं।
फिर à¤à¥€, सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की कम आपूरà¥à¤¤à¤¿ की चिंता à¤à¤• सबसे आम कारण है जिसकी वजह से माà¤à¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना बंद करने का निरà¥à¤£à¤¯ लेती हैं। सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को लेकर नई माà¤à¤“ं की कà¥à¤› आम निराधार चिंताà¤à¤‚ नीचे दी गई हैं:
मेरे सà¥à¤¤à¤¨ बहà¥à¤¤ छोटे हैं। वासà¥à¤¤à¤µ में सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के माप का सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ से कोई लेना-देना नहीं हैं। बड़े सà¥à¤¤à¤¨ होने का मतलब यह नहीं है कि उनमें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध बनता है।
मेरा लेटडाउन रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ अब इतना पà¥à¤°à¤¬à¤² नहीं है, और मेरे सà¥à¤¤à¤¨ अब कम à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ लगते हैं। यह केवल इस बात का संकेत है कि आपका शरीर शिशॠकी सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ जरà¥à¤°à¤¤à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अचà¥à¤›à¥€ तरह तालमेल बिठा रहा है।
मेरे निपà¥à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ में से दूध का रिसाव बंद हो गया है। यह à¤à¥€ तब होता है जब आपका शरीर शिशॠके सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के तरीके के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ढल जाता है।
मेरे शिशॠको सामानà¥à¤¯ से अधिक दूध चाहिà¤à¥¤ यह सामानà¥à¤¯ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ हो सकता है।
मेरा शिशॠअब कम समय के लिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता है। कà¥à¤› शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ में अधिक निपà¥à¤£ और तीवà¥à¤° हो जाते हैं। इसलिठहो सकता है आपको लगे कि शिशॠको à¤à¤°à¤ªà¥‡à¤Ÿ दूध नहीं मिल रहा, जबकि वह जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ दूध पीकर अपना पेट à¤à¤° लेता है।
मेरा शिशॠबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बाद नींद से जागता है। शिशà¥à¤“ं को विकास के लिठबार-बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने की जरà¥à¤°à¤¤ होती है और रात में बार-बार उठना सामानà¥à¤¯ है। आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को बनाठरखने के लिठरात को दूध पिलाना जरà¥à¤°à¥€ है।
मेरा शिशॠदूध पीने के बाद सोता नहीं है। जैसे-जैसे आपका शिशॠबड़ा और बलिषà¥à¤ होता जाता है, तो हो सकता है उसके पास दूध पीने के बाद à¤à¥€ जगे और कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² रहने की ऊरà¥à¤œà¤¾ हो।
मेरा शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने के बाद बोतल से दूध पी लेता है। शिशॠको बोतल से दूध निकालने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ताकत से चूसना नहीं पड़ता, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि निपà¥à¤ªà¤² से दूध तेजी से व आसानी से आ जाता है। इसलिठवह à¤à¥‚खा न होने पर à¤à¥€ बोतल से दूध पी सकता है।
मैं अधिक दूध à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ नहीं कर पाती। हाथ से दूध निकालने या मशीन से पंप करने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ से अधिक दूध निकाल सकता है।
मेरा शिशॠरोता है और चिड़चिड़ा रहता है। बहà¥à¤¤ से शिशॠदिन में कà¥à¤› समय चिड़चिड़े रहते हैं और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर यह कà¥à¤› समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है।
कैसे पता चलेगा कि शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¤¨ दूध मिल रहा है?
यह जानने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है शिशॠकी गीली और गंदी लंगोट या नैपी पर नजर रखना। यदि जनà¥à¤® के पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित संकेत दिखें, तो मतलब है कि शिशॠठीक है:
वह दिन में कम से कम छह नैपी गीली कर रहा है
दिन में दो बार नरम या पतला मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— कर रहा है
शिशॠआपको जता देगा कि उसका पेट à¤à¤° रहा है या नहीं। यदि वह जागते समय सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और सतरà¥à¤• रहे तो मतलब वह ठीक-ठाक है। दूध आने पर आप शिशॠकी दूध गटकने की आवाज सà¥à¤¨à¥‡à¤‚ और देखें कि उसके गाल गोलाकार में हैं।
यदि जनà¥à¤® के पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद शिशॠका वजन बढ़ रहा है तो आप आशà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ हो सकती हैं कि उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध मिल रहा है।
जनà¥à¤® के बाद पहले कà¥à¤› दिनों में नवजात शिशॠका वजन घटना सामानà¥à¤¯ है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशॠका वजन पहले सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में आमतौर पर पांच से 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ के बीच कम हो जाता है और उसके बाद बढ़ना शà¥à¤°à¥ होता है। जब तक वजन 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से अधिक कम न हो, तब तक डॉकà¥à¤Ÿà¤° यही मानेंगे कि शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध मिल रहा है।
यदि जनà¥à¤® के पांच से सात दिन के बीच शिशॠका वजन लिया जाà¤, तो आप देख सकेंगी कि उसका वजन बढ़ने लगा है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद शिशॠका वजन निरंतर बढ़ना चाहिà¤à¥¤
कई बार जटिल पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने की वजह से à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध आने में थोड़ा समय लग जाता है। इसका मतलब है कि आपके शिशॠको अपने जनà¥à¤® वजन तक पहà¥à¤‚चने में अनà¥à¤¯ शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक समय लगेगा। यदि आप शिशॠको उसकी इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° दूध पिलाà¤à¤‚गी तो वह जलà¥à¤¦ ही अपना जनà¥à¤® वजन हासिल कर लेगा।
सà¥à¤¤à¤¨ दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कम होने की कà¥à¤¯à¤¾ वजह होती है?
आपके सà¥à¤¤à¤¨ शिशॠकी जरà¥à¤°à¤¤ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करते है। शिशॠजितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध पीà¤à¤—ा, उतने ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ होगा। इसलिठयदि आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ तौर पर कम हो à¤à¥€ जाती है, तो इसका उपाय लगà¤à¤— हमेशा निकाला जा सकता है। यदि आप शिशॠको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करवा रही, तो à¤à¥€ आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कम हो सकती है। शिशॠको दूध न पिला पाने की शायद निमà¥à¤¨ वजह हो सकती हैं:
आपके निपà¥à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ है और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने में असहजता होती है।
आप शिशॠको पैसिफायर या सूदर देती है या फिर फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध à¤à¥€ पिला रही हैं। इन चीजों के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की वजह से शिशॠ24 घंटों में सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय नहीं लगा रहता।
आप शिशॠको तय समय के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दूध पिला रही हैं, न कि शिशॠकी इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤°à¥¤
आपका शिशॠउनींदा रहता है और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के लिठउसे जगाना पड़ता है।
आपको चिंता या अवसाद (डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) है। अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें, वे इस बारे में आपको सहयोग दे सकती है।
आप या शिशॠशायद बीमार है, इसलिठआपको उससे अलग रहना पड़ रहा है।
दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कई बार चिकितà¥à¤¸à¤•ीय कारणों से à¤à¥€ घट सकती है। निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होने पर आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° संà¤à¤µà¤¤à¤¯à¤¾ आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ सलाहकार या विशेषजà¥à¤ž के पास à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤‚गी:
आपको हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ विकार है, जैसे कि थायराइड सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ या ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿà¥¤
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान या बाद में आपका बहà¥à¤¤ सारा खून बह गया।
अपरा का कà¥à¤› अंश अà¤à¥€ à¤à¥€ आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में है। जब तक यह निकल नहीं जाता तब तक आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ पर असर रह सकता है।
आप कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ दवाà¤à¤‚ ले रही हैं, जैसे कि संयà¥à¤•à¥à¤¤ गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोली या डीकंजेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट के साथ-साथ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की दवा।
आपको मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ (डायबिटीज) है। मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से पीड़ित बहà¥à¤¤ सी माà¤à¤à¤‚ पाती हैं कि उनका दूध थोड़ी देर से आना शà¥à¤°à¥ होता है। आप फिर à¤à¥€ शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवा सकती हैं। वासà¥à¤¤à¤µ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से आप दोनों को रकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा के सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिलती है।
आपका सà¥à¤¤à¤¨ का आॅपरेशन हà¥à¤† है या सà¥à¤¤à¤¨ की चोट रही है।
आपने सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का माप बढ़वाने का आॅपरेशन (बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤¨à¤¹à¥‡à¤‚समेंट) करवाया था जिसमें इमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤‚ट à¤à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¤¾ के किनारे पर डाला गया था। इस तरह की सरà¥à¤œà¤°à¥€ में निपà¥à¤ªà¤² की नसों में संवेदना नषà¥à¤Ÿ होने का खतरा रहता है। यदि à¤à¤¸à¤¾ हो, तो सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है।
बहरहाल, सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की कम आपूरà¥à¤¤à¤¿ के अधिकांश मामलों में मà¥à¤–à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ यह नहीं होती कि आपका कितना दूध बन रहा है, बलà¥à¤•ि मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ यह होता है कि आपका शिशॠकितना अधिक दूध निकाल पाने में सकà¥à¤·à¤® है।
शिशॠको à¤à¤°à¤ªà¥‡à¤Ÿ दूध पीने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ कैसे करà¥à¤‚?
शिशॠके सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के संकेतों के बारे में सचेत रहना और उनके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करना जरà¥à¤°à¥€ है। मगर, यह à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि छोटे शिशà¥à¤“ं में अà¤à¥€ इतनी ताकत नहीं होती कि वे नींद से जागकर दूध पीने की मांग करें। यह बात तब और à¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ हो जाती है, जब आपका शिशॠसमय से पहले जनà¥à¤®à¤¾ हो, वह कम जनà¥à¤® वजन शिशॠहो, उसे पीलिया हो या वह बीमार हो और इतना छोटा और उनींदा हो कि रो à¤à¥€ न पा रहा हो। वह अपनी ऊरà¥à¤œà¤¾ विकास और बीमारी से उबरने में लगा रहा है।
यदि आपका नवजात शिशॠबहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोता हो, तो आपको उसे नींद से जगाना होगा और धीरे-धीरे उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करना होगा। इस तरह आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने का संकेत मिलेगा।
जो नवजात शिशॠलगातार तीन से चार घंटे सोते हैं, उनपर निगरानी रखने की जरà¥à¤°à¤¤ होती है ताकि सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके कि उनका परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ वजन बढ़ रहा है।
यदि शिशॠजाग न रहा हो या फिर सही से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ न कर रहा हो तो थोड़ा कोलोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® या दूध à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करके उसे देने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। इससे शिशॠको ऊरà¥à¤œà¤¾ व ताकत मिलेगी और साथ ही आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ बनी रहेगी।
आप बोतल की बजाय पलड़ाई, कटोरी, कप, चमà¥à¤®à¤š या डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° से शिशॠको यह दूध पिला सकती हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठताकि आपका शिशॠबोतल और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के अलग-अलग तरीकों के बीच उलठन जाà¤à¥¤
यदि आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को सही से मà¥à¤‚ह में नहीं ले रहा है, तो उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध नहीं मिल सकेगा।
इस बारे में काफी विशेषजà¥à¤ž सहयोग उपलबà¥à¤§ है। आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ विशेषजà¥à¤ž या लैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² कंसलà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट के पास जाने की सलाह दे सकते हैं। या फिर वे आपसे किसी सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ संसà¥à¤¥à¤¾ से संपरà¥à¤• करने के लिठकह सकते हैं।
सà¥à¤¤à¤¨ दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने के लिठमैं कà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
जब आप सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हों कि शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ सही ढंग से मà¥à¤‚ह में ले रहा है, तो आप निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित उपाय आजमा सकती हैं:
शिशॠको अपने नजदीक थामे और तà¥à¤µà¤šà¤¾ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ का संपरà¥à¤• रखें। इससे दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने वाले हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ को बढ़ावा मिलता है। समय निकालकर पूरी तरह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना काफी मदद करता है।
शिशॠजब à¤à¥€ चाहे उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚। शिशॠके à¤à¥‚खा होने के संकेतों को पहचानें जैसे कि चटकारे लेना और बार-बार अपना सिर आपकी तरफ घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¾à¥¤ शिशॠदिन-रात जितनी बार चाहे और जितनी देर तक चाहे उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚।
यदि आपके शिशॠके à¤à¥‚ख के संकेत बहà¥à¤¤ हलà¥à¤•े या फिर न के बराबर हैं तो à¤à¤¸à¥‡ शिशà¥à¤“ं को हर तीन घंटे में और कà¤à¥€-कà¤à¥€ हर दो घंटे में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने की सलाह दी जाती है। फिर चाहे ​इसके लिठशिशॠको गहरी नींद या à¤à¤ªà¤•ी से जगाना पड़े। इसे 'फीडिंग आॅन शेडà¥à¤¯à¥‚ल' कहा जाता है।
शिशॠको दूसरे सà¥à¤¤à¤¨ से दूध पिलाना शà¥à¤°à¥ करने से पहले पहला सà¥à¤¤à¤¨ उसे खà¥à¤¦ छोड़ने दें।
शिशॠको केवल सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध दें। शिशॠको बोतल से फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाने का विकलà¥à¤ª आपको काफी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• लग सकता है। लेकिन, यदि आप शिशॠकी à¤à¥‚ख को फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध से शांत करेंगी तो उसे कम सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की जरà¥à¤°à¤¤ होगी और फिर आपके दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कम होगा।
शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध से ही शांत कराà¤à¤‚ और कोशिश करें कि शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में सूदर न दें। इस दौरान आप दोनों ही सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठअà¤à¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ हो रहे होते हैं।
हर बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बाद अपना दूध à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में बचे हà¥à¤ दूध को निकालने से अधिक दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ में मदद मिलेगी।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ (मेडिटेशन) आदि रिलैकà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ तकनीक अजमाà¤à¤‚। यदि तनाव या नींद पूरी न होने से आपकी दूध की सपà¥à¤²à¤¾à¤ˆ पर असर पड़ रहा है, तो आराम करने से आपको फायदा होगा।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने में मददगार हो सकता है। कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥‹à¤œà¤¨ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡ सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने के लिठजाना जाता है जैसे कि मेथी दाना, लहसà¥à¤¨, जई (ओटà¥à¤¸) और दलिया। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली मांओं के लिठà¤à¤¸à¥‡ पारंपरिक à¤à¤•ांतवास के à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ और पेयों के बारे में यहां पढ़ें।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¤¨ दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ कम होने का असर शिशॠपर पड़ता है?
यदि आपके शिशॠको दूध पीने के बाद à¤à¥€ अकà¥à¤¸à¤° और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध चाहिठहोता है, तो शायद उसका विकास अपनी उमà¥à¤° के अनà¥à¤¯ शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में धीमा रहेगा। इसे 'फेलà¥à¤¯à¥‹à¤° टू थà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ' यानि विकास में विफलता कहा जाता है।
यदि आपके शिशॠका वजन नहीं बढ़ रहा या कम हो रहा है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपकी इसमें मदद करेंगे। आप शिशॠको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बाद सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाकर और अपनी सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की तकनीक में सà¥à¤§à¤¾à¤° करके लगà¤à¤— हमेशा ही इस समसà¥à¤¯à¤¾ का समधान ​कर सकती हैं।
यदि आपका दूध कम बन रहा है या फिर सà¤à¥€ तरीके असफल रहे हों तो आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको दवाà¤à¤‚ लेने की सलाह दे सकती हैं।
अधिक जानकारी या फिर दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाने के अनà¥à¤¯ तरीकों के बारे में जानने के लिठअपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ सलाहकार से बात करें।
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